हरिद्वार, सितम्बर 30 -- कुंभ से पहले हरिद्वार, रुड़की और कलियर को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। सड़कों, घाटों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीख मांगने वाले लोगों को अब आश्रमों और धर्मशालाओं में आसरा दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से इनके लिए मुफ्त भोजन और रहने की व्यवस्था कराई जाएगी। भिखारियों का सत्यापन कराने के साथ उनके परिजनों की तलाश की जाएगी। परिवार मिलने पर उन्हें परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं, जो लोग काम करने के इच्छुक होंगे, उन्हें रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने इस संबंध में अधिकारियों को दस दिन के भीतर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत आश्रमों और धर्मशालाओं को भी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। प्रशासन के अनुसार, इनके बायलॉज में गरीबों और निराश्रितों के लिए रह...