नई दिल्ली, अप्रैल 25 -- ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को विशेष स्थान प्राप्त है। शनि सभी ग्रहों में सबसे धीमी चाल चलते हैं, लेकिन असर सबसे गहरा छोड़ते हैं। यही वजह है कि जब शनि किसी राशि में आते हैं तो उनका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। शनि करीब ढाई साल तक एक राशि में रहते हैं और इसी क्रम में साढ़ेसाती बनती है, जिसकी कुल अवधि करीब साढ़े सात साल होती है। इसे तीन हिस्सों में बांटा जाता है- शुरुआती, मध्य और अंतिम चरण। साढ़ेसाती को लेकर लोगों में डर बना रहता है। वजह साफ है- इस दौरान जीवन में दबाव बढ़ता है। काम ज्यादा होता है, जिम्मेदारियां बढ़ती हैं और कई बार चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं चलतीं। लेकिन इसे सिर्फ खराब समय मानना ठीक नहीं है। यही वह दौर होता है जब इंसान खुद को संभालना और सही फैसले लेना सीखता है। इस समय शनि मीन राशि में हैं। ऐसे में ...