नई दिल्ली, अप्रैल 4 -- ज्योतिष में शनि की साढ़ेसाती का विशेष महत्व होता है। यह दौर हर किसी के जीवन में कभी न कभी आता है। इस दौरान कई बार काम में रुकावट, पैसों की टेंशन और मन में बेचैनी जैसी चीजें देखने को मिलती है। साढ़ेसाती का समय करीब साढ़े सात साल का होता है। इसे तीन हिस्सों में समझा जाता है। जब शनि आपकी चंद्र राशि से एक राशि पहले, फिर उसी राशि में और उसके बाद अगली राशि में रहते हैं, तब यह पूरा समय बनता है। शनि की चाल बाकी ग्रहों के मुकाबले धीमी होती है। यह करीब ढाई साल में एक राशि बदलते हैं। इसलिए इनका असर भी जल्दी खत्म नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक बना रहता है।कुंभ राशि पर अभी क्या चल रहा है- कुंभ राशि वालों के लिए अभी साढ़ेसाती का आखिरी चरण चल रहा है। यह तीसरा चरण होता है। इस समय कई लोगों को लगता है कि काम में मेहनत ज्यादा लग रही है,...
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