नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- Shani Sade Sati: ज्योतिषशास्त्र में शनिदेव को विशेष स्थान प्राप्त है। शनिदेव को न्याय का देवता भी कहा जाता है। शनि व्यक्ति को कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। ऐसा नहीं है कि शनि सिर्फ अशुभ फल देते हैं। शनि शुभ फल भी देते हैं। शनि के अशुभ होने पर जहां व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. वहीं शुभ होने पर व्यक्ति का भाग्योदय हो जाता है। शनि की साढ़ेसाती एक ऐसा समय है जब व्यक्ति के जीवन में कई तरह के बदलाव होते हैं। यह साढ़ेसाती साढ़े सात साल की होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान कई तरह की समस्याओं से व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं से गुजरना पड़ता है। शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शनिवार को कुछ विशेष उपाय भी किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित हो...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.