नई दिल्ली, जून 30 -- जुलाई की शुरुआत शनि के नक्षत्र परिवर्तन के साथ हो रही है। वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्मफलदाता ग्रह माना जाता है। इसलिए जब भी शनि राशि या नक्षत्र बदलते हैं तो उसका असर सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप में देखने को मिलता है। इस बार 2 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, रेवती नक्षत्र में आने के बाद शनि का प्रभाव पहले के मुकाबले कुछ नरम हो सकता है। ऐसे में जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, उन्हें इस महीने कुछ राहत मिलने के संकेत हैं। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि रेवती नक्षत्र को शुभ और शांत स्वभाव वाला नक्षत्र माना जाता है। हालांकि शनि का मूल स्वभाव नहीं बदलता। वे हमेशा व्यक्ति के कर्मों के आधार पर ही फल देते हैं। लेकिन इस नक्षत्र में आने के...