कुंदा का एक ऐसा गांव जहां आज भी नहीं है सड़कें, पगडंडियों है सहारा
चतरा, जून 8 -- प्रतापपुर, निज प्रतिनिधि । जिले के कुंदा और प्रतापपुर थाना के सिमाना पर स्थित बंठा गांव आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं। आजादी के 78 वर्षों बाद भी गांव में आवागमन की सुविधा से वंचित हैं। बंठा गांव में अधिकांश भोक्ता जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवार रहते हैं। यह गांव प्रखंड मुख्यालय से उत्तर और पश्चिम दिशा में स्थित है। प्रखंड मुख्यालय से गांव की दूरी लगभग 8 किलो मीटर होगी जिसमें प्रखंड मुख्यालय से चार से पांच किलोमीटर रोड़ आरईओ विभाग द्वारा सरजामातु गांव तक कालीकरन किया गया है। परंतु सरजामातु पूर्व फॉरेस्ट क्वार्टर से लगभग पांच किलोमीटर बंठा गांव आने जाने के लिए गांव के लोगों को पगडंडियों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह भी पढ़ें- पलसा घाट पर पक्का पुल की मांगगांव का इतिहास बताते चले कि वही गांव है जहां माओवादी नक्सलियों क...
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