मुरादाबाद, जून 23 -- मोहर्रम की सातवीं तारीख मंगलवार को कर्बला के शहीद हजरत इमाम हसन के पुत्र हजरत कासिम की शहादत की याद में नगर में गमगीन माहौल के बीच शिया समुदाय द्वारा शबीहे ताबूत और शबीहे जुल्जिनाह (घोड़े) का मातमी जुलूस निकाला गया। वहीं देर रात अहले सुन्नत समुदाय की ओर से छोटी मेहंदी का जुलूस निकाला गया जिसमें अकीदतमंदों ने शहादतनामे पढ़े और चिरागा कर मन्नतें मांगीं। नगर स्थित इमामबाड़ा हजरत अबुतालिब में आयोजित मजलिस में गुलाम अमन नकवी ने मर्सिया पढ़ा जबकि गुलाम मेहदी नकवी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि रसूल-ए-करीम और अहलेबैत की सीरत इंसानियत के लिए नमूना है और कर्बला के शहीदों ने दुनिया को इंसाफ, सब्र और इंसानियत का पैगाम दिया। हजरत कासिम की शहादत का बयान सुनकर आजादारों की आंखें नम हो गईं और "हाय हुसैन, हाय कासिम" की सदाओं के बीच...