मुरादाबाद, जून 24 -- आठवीं मोहर्रम पर बुधवार को नगर में शिया समुदाय की ओर से हजरत अब्बास अलमदार की शहादत की याद में अलम मुबारक, शबीहे ताबूत और शबीहे जुल्जिनाह का कदीमी मातमी जुलूस निकाला गया। यह भी पढ़ें- इमाम बारगाह हुसैनिया से निकला मेहंदी का जुलूसअहले सुन्नत का जुलूस वहीं अहले सुन्नत समुदाय की ओर से देर रात बड़ी मेहंदी का जुलूस निकाला गया। दोनों समुदायों के आयोजनों के दौरान या हुसैन और हाय अब्बास की सदाओं से फिजा गूंज उठी। महबूब रिजवी के अजाखाने पर आयोजित मजलिस में कमर अब्बास काज़मी ने मरसिया पढ़ा, जबकि काशिफ अब्बास काज़मी ने खिताब करते हुए कहा कि कर्बला इंसानियत, सब्र और जुल्म के खिलाफ डटकर खड़े होने का पैगाम देती है। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अत्याचार के सामने झुकने के बजाय कुर्बानी देकर पूरी दुनिया को इंसाफ और इज्जत की राह ...