मुरादाबाद, जून 30 -- नगर में मुहर्रम के मौके पर इमामबाड़ा हजरत अबूतालिब में मंगलवार को मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें कर्बला के शहीदों और हजरत इमाम हुसैन और 18 बनी हाशिम की कुर्बानियों को याद किया गया। मजलिस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। मजलिस में कमर अब्बास काजमी ने मरसिया पढ़ा, इसके बाद काशिफ अब्बास काजमी ने खिताब करते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन और अहले बैत की जिंदगी इंसानियत, सब्र, त्याग और सच्चाई का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि कर्बला की घटना हमें सत्य, इंसाफ और एकता के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है। मजलिस के दौरान 18 बनी हाशिम की शहादत का जिक्र होते ही माहौल गमगीन हो गया और अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। यह भी पढ़ें- कुंदरकी में इमाम हुसैन, 18 बनी हाशिम की कुर्बानियों को याद किया इसके बाद 18 बनी हाशिम का शबीहे ताबूत ...