मुजफ्फर नगर, मई 4 -- मुजफ्फरनगर गांधीनगर स्थित श्री श्यामा श्याम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथा व्यास पंडित गंगोत्री तिवारी मृदुल ने परीक्षित जन्म और भीष्म पितामह के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे श्रीकृष्ण ने अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से उत्तरा के गर्भ की रक्षा कर पांडव वंश को बचाया।कथा व्यास ने भीष्म पितामह के निर्वाण प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सूर्य के उत्तरायण होने पर भीष्म ने श्रीकृष्ण के चतुर्भुज रूप का दर्शन करते हुए देह त्याग किया। विशेष रूप से माता कुंती की भक्ति की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि कुंती ने श्रीकृष्ण से सुख के स्थान पर विपत्ति का वरदान मांगा। उन्होंने कहा कि सुख में मनुष्य अहंकारवश ईश्वर को भूल जाता है, जबकि दुख और विपत्ति के समय प्रभु सदैव निकट रहते हैं। इस भक्तिम...