नई दिल्ली, अक्टूबर 31 -- क्या आपकी जिंदगी में बार-बार अड़चनें आ रही हैं? मेहनत करने के बाद भी नौकरी में तरक्की नहीं मिल रही, परिवार में अशांति बनी रहती है, मन में अनजाना डर बैठा रहता है या संतान सुख मिलने में देरी हो रही है? कहीं आप भी इन परेशानियों की वजह अपने पिछले जन्म के कर्मों को तो नहीं मानते? ज्योतिष की दुनिया में ऐसे कई दावे और मान्यताएं हैं, जिनमें जन्म कुंडली के गुरु, शनि और राहु की स्थिति को पूर्वजन्म के कर्मों, पूर्वजों के आशीर्वाद और कथित दोषों से जोड़कर देखा जाता है। ज्योतिषाचार्य अजय कुमार अग्रवाल के अनुसार, कुंडली के अलग-अलग भावों में इन ग्रहों की स्थिति के आधार पर पूर्वजन्म, पूर्वजों से संबंध और जीवन में आने वाली परेशानियों के बारे में ज्योतिषीय मान्यताएं बताई जाती हैं। इन मान्यताओं में कहीं पूर्वजों के आशीर्वाद से सुख मि...