नई दिल्ली, अक्टूबर 23 -- शादी में देरी हो रही है और रिश्ता तय होने में बार-बार अड़चन आ रही है, तो ज्योतिष में कुंडली के कुछ योगों पर ध्यान दिया जाता है। विवाह के मामले में सातवें भाव को अहम माना जाता है। इस भाव में ग्रहों की स्थिति के साथ उसके स्वामी की दशा भी देखी जाती है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, सातवें भाव में ग्रहों का अशुभ संयोग और सप्तमेश का कमजोर होना विवाह में देरी के संकेत दे सकता है। हालांकि, किसी एक ग्रह को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि शादी में देरी होगी। इसके लिए पूरी कुंडली का आकलन करना जरूरी है।सातवें भाव में ग्रहों का कैसा संयोग देता है देरी के संकेत? कुंडली में सातवां भाव विवाह और जीवनसाथी से जुड़ा होता है। इस भाव में ग्रहों की स्थिति को देखकर दांपत्य जीवन से जुड़े कई पहलुओं पर विचार किया जाता है। पंडित नरेंद...