लखनऊ, मार्च 21 -- गल्फ और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण दवाओं के कच्चे माल और पैकेजिंग सामग्री की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे उनकी कीमतें बढ़ रही हैं। ये घटक दवाओं को सुरक्षित, स्थिर और परिवहन योग्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। संघर्ष ने जहाजरानी मार्गों को बाधित किया है, भाड़ा लागत बढ़ गई है। पेट्रोकेमिकल डेरिवेटिव्स की आपूर्ति को कम कर दिया है। यह दवाओं और पैकेजिंग दोनों के लिए प्रमुख इनपुट हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की आयुष उपसमिति अध्यक्ष रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि निर्माता आमतौर पर कच्चे माल का तीन से छह महीने का बफर स्टॉक रखते हैं। हालांकि, बढ़ती अनिश्चितता और लंबे समय तक व्यवधान के खतरे के कारण पूरे सेक्टर में चिंता बढ़ रही है। छोटे और मध्यम आकार के दवा निर्माताओं पर ज्यादा असर है, जो भारत की सस्ती जेनेरिक दवा...