पूर्णिया, अप्रैल 13 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता।यूं तो झारखंड में धार्मिक कार्यक्रम से लौट रहे जिले के आदिवासी परिवारों के लिए शनिवार शाम आफत भरी रही। परन्तु इनमें कुछ परिवारों के लिए तो इस शाम ने कई मायनों में बिजलियां गिरायी हैं। जिसकी टीस इन परिवारों को अनंत तक पीड़ा देती रहेगी। खासकर हादसे के बाद जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहे कुछ बच्चों की मां की ममता खो गई है तो कुछ से उसकी दादी का प्यार छीन गया है। ऐसे ही बच्चों में एक सात महीने के बच्चे सूर्या का नाम भी शामिल है। मस्तिष्क में गंभीर चोट के कारण यह अभी जिंदगी की जंग लड़ रहा है। जीएमसीएच में भर्ती बच्चे की मां खुशबू मरांडी ने बताया कि वह अपने सात महीने के बच्चे सूर्या एवं सास-ससुर के साथ झारखंड में धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गई थी। लौटने के क्रम में हादसे में उनकी सास फु...