संतकबीरनगर, फरवरी 3 -- मगहर, हिन्दुस्तान संवाद। मगहर महोत्सव के अंतिम दिन की रात सोमवार को रलखनऊ के प्रसिद्ध गजल गायक यश भारती सम्मान से सम्मानित कमाल खान की गजलों के नाम रही। जिन्होंने अपने सुर व गजलों से पांडाल में बैठे श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। गायक कमाल खान ने अपने चितपरिचित आवाज में मशहूर गजल 'किसी नजर को तेरा इंतजार आज भी है..' गया तो पांडाल में बैठे श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। इसके बाद अपने दिलकश आवाज में 'फिर छिड़ी आज बात फूलों' की पेशकश ने सभी को गुनगुनाने पर मजबूर किया। गुलाम अली की मशहूर गजल 'चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है हमको अबतक आशिकी का वो जमाना याद है..' और 'याद आता है वो फूलों सा महकना तेरा..' और 'झुकी झुकी सी नजर बेकरार है कि नहीं, दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं..', 'हम तेर...
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