नई दिल्ली, फरवरी 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को हेट स्पीच से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणियां की हैं। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि भाषण व्यक्ति की सोच का प्रतिबिंब होता है और हेट स्पीच से निपटने की असली चुनौती केवल शब्दों को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि उन विचारों को सुधारना और खत्म करना है, जो ऐसे भाषणों का कारण होते हैं। SC में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। रूप रेखा वर्मा द्वारा दायर की गई इस याचिका में मांग की गई है कि संवैधानिक पदाधिकारियों के सार्वजनिक भाषण मौलिक अधिकारों का उल्लंघन ना करें, इस संबंध में स्पष्ट गाइडलाइंस बनाई जाए।किसी के विचार को कैसे नियंत्रित करेंगे?- SC? सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "भाषण क...