प्रयागराज, अक्टूबर 8 -- किसान सम्मान निधि को लेकर दायर एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के एक किसान को करीब छह साल तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्तों से वंचित रखने पर सख्त टिप्पणी करते हुए बकाया राशि का भुगतान ब्याज के साथ करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज और पांच हजार रुपये हर्जाना देने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने विश्राम सिंह की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याची ने स्वयं पैरवी करते हुए कहा कि उनके बैंक शाखा का आईएफएससी कोड गलत दर्ज हो गया था। इस गलती के कारण वह योजना की 23 किस्तों से वंचित रहे। उन्होंने उप कृषि निदेशक कानपुर देहात को प्रार्थना पत्र देकर समस्या सुधारने की मांग की...