लखीमपुरखीरी, मई 7 -- गोला गोकर्णनाथ। चंद्र शेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र जमुनाबाद के तत्वावधान में किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम किया गया। जिसमें 30 कृषकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग और मृदा स्वास्थ्य सुधार पर विस्तृत तकनीकी जानकारी दी गई। केंद्र के सस्य वैज्ञानिक डॉ. पीके बिसेन ने बताया कि मिट्टी में कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। वर्तमान में यह मात्रा 0.2-0.3 प्रतिशत है जबकि इसे 0.8-1.0 प्रतिशत तक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेहतर उत्पादन के लिए मृदा में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाना जरूरी है जिसके लिए जैविक खादों का उपयोग अनिवार्य है। यह भी पढ़ें- मृदा परीक्षण के बाद संतुलित उर्वरक का प्रयोग करें किसान साथ ही उन्होंने फस...
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