सीतामढ़ी, अप्रैल 18 -- सीतामढ़ी। जिले के किसान आज भी अपनी उपज की बिक्री के लिए बड़े पैमाने पर बिचौलियों पर निर्भर हैं। हालांकि सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, लेकिन अधिकांश किसानों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर अनाज बेचने की प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली है। यहां नमी की जांच, बोरे की व्यवस्था, ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान में देरी जैसी कई समस्याएं सामने आती हैं। इसके अलावा क्रय केंद्रों पर केवल बेहतर गुणवत्ता वाले अनाज को ही प्राथमिकता दी जाती है। यह भी पढ़ें- क्रय केंद्रों पर धान व गेहूं बेचने पर किसानों की आमदनी में बट्टा जिससे छोटे और सीमांत किसान बाहर हो जाते हैं।सरकारी व्यवस्था का लाभ सीमित किसानों तक : स्थिति यह है कि ...
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