एटा, दिसम्बर 22 -- गेहूं और धान के गढ़ के रूप में पहचाने जाने वाले एटा जिले की मिट्टी अब विदेशी फलों की मिठास और आधुनिक तकनीक की गवाह बन रही है। किसान सम्मान दिवस के अवसर पर जिले के उन प्रगतिशील किसानों की चर्चा अनिवार्य है। इन्होंने जोखिम उठाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि अन्य किसानों के लिए एक मशाल भी रोशन की है। शीतलपुर ब्लॉक के गांव लोया बादशाहपुर के किसान रामवीर सिंह राना आज चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। ढाई बीघा जमीन पर इजराइली मूल के ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू कर जिले में नई क्रांति ला दी है। रामवीर ने हापुड़ से इसके पौधे मंगाए और उद्यान विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में इसे रोपा। न केवल एटा, बल्कि आगरा और अलीगढ़ की मंडियों में भी हाथों-हाथ लिया जा रहा है। कम पानी और कम लागत में तैयार होने वाला यह फल उन्हें पारंपरिक फसलों के मुकाबले कई...
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