प्रयागराज, सितम्बर 20 -- प्रयागराज। जिले के किसानों का प्राकृतिक खेती की तरफ रुझाप बढ़ रहा है। धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों में भी अब रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। उप कृषि निदेशक पवन कुमार विश्वकर्मा के अनुसार जिले में गंगा किनारे पांच किलोमीटर के दायरे में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 411 समूहों में प्राकृतिक खेती कराई जा रही है। इसका दायरा बढ़कर 8220 एकड़ हो गया है। किसानों को पशु आधारित प्राकृतिक खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती के लिए प्रत्येक समूह में 125 किसान शामिल हैं। पहले चरण में 1500 किसान 600 हेक्टेयर में प्राकृतिक संसाधनों से खेती कर रहे हैं। किसानों को तीन वर्ष तक आर्थिक सहायता भी दी जाती है। पहले वर्ष 4800 रुपये प्रति एकड़ और अगले दो वर्षों में 3600 रुपये प्रति एकड़ की स...