किसानों पर डीजल की मार, जुताई और सिंचाई हुई महंगी
हल्द्वानी, मई 18 -- हल्द्वानी। एक तरफ मौसम की मार और उसके बाद पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों का असर अब सीधे खेतों तक पहुंच गया है। डीजल महंगा होने से खेती-किसानी की लागत लगातार बढ़ रही है। कुमाऊं क्षेत्र में ट्रैक्टर से जुताई, डीजल पंपसेट से सिंचाई और अन्य कृषि कार्य अब किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। डीजल की कीमत 87.63 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 90.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है। यानी प्रति लीटर करीब 3.01 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भले ही यह अंतर छोटा दिखाई दे, लेकिन खेती में रोजाना कई लीटर डीजल खर्च होने से इसका असर सीधे लागत पर पड़ रहा है। कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाला ट्रैक्टर औसतन प्रति घंटा 6 से 7 लीटर डीजल खर्च करता है। मौजूदा कीमतों के हिसाब से किसान को एक घंटे ट्रैक्टर चलाने पर लगभग 544 से 634 रुपये सिर्फ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.