सीतामढ़ी, फरवरी 27 -- सीतामढ़ी। रासायनिक खेती की बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता को देखते हुए जिले के किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इसी कड़ी में जिला कृषि विभाग के आत्मा के तत्वावधान में किसानों के एक दल को कृषि विज्ञान केंद्र सिपाया गोपालगंज भेजा गया। जहां उन्हें प्राकृतिक खेती की तकनीक एवं विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। उपनिदेशक आत्मा अजय मणी ने बताया कि टीम में जिले के 31 किसानों को तीन दिवसीय प्रशिझा के लिए भेजा गया था। प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिकों ने प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी तथा खेतों में इसके व्यावहारिक प्रयोग की विधि समझाई। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आती है और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है। रासायनिक खाद व कीटनाशकों पर निर्भरता घटने से ...