लखनऊ, मई 25 -- लखनऊ, संवाददाता। राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (एनबीएफजीआर) की ओर से सोमवार को मोहनलालगंज के केसरीखेड़ा और चिनहट की देवरिया ग्राम पंचायत में 'मेरा गांव मेरा गौरव' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों ने जैविक व प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया। वैज्ञानिकों ने किसानों को अपने खेतों में ढैंचा का उपयोग हरी खाद के रूप में करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यह मिट्टी को समृद्ध बनाने में मदद करता है और रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता को कम करता है। इस दौरान मोहनलालगंज में वैज्ञानिक डॉ आदित्य कुमार, डॉ राघवेंद्र सिंह, विजय कुमार सिंह और चिनहट में डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ गौरव राठौर और डॉ आदित्य कुमार उपस्थित रहे। यह भी पढ़ें- प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

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