मुजफ्फरपुर, मार्च 6 -- कुढ़नी, एक संवददाता। चढ़ुआ में शुक्रवार को किसान खेत पाठशाला प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम 14 सप्ताह से चल रहा था। इसमें किसानों को आईपीएम (एकीकृत कीट प्रबंधन) के महत्व एवं सिद्धांत एवं उसकी विभिन्न विधियों जैसे व्यवहारिक विधि में गहरी जुताई, बीज उपचार, मिट्टी उपचार, फसल चक्र, यांत्रिक विधि में विभिन्न ट्रैप, जैसे फेरोमोन ट्रैप, पीला एवं नीला ट्रैप, फल मक्खी जाल, लाइट ट्रैप, जैविक विधि में मित्र कीट की पहचान, एनपीएसएस ऐप, वानस्पतिक कीटनाशकों के महत्व एवं उपयोग आदि तथा रासायनिक कीटनाशकों के सुरक्षित एवं संतुलित इस्तेमाल मनुष्य पर होनेवाले कीटनाशकों के दुष्प्रभाव तथा विभिन्न फसलों में लगने वाले कीट/व्याधि की पहचान एवं आईपीएम प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया गया। कृषि एवं किसान कल्या...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.