समस्तीपुर, जनवरी 19 -- पूसा, । डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विवि, पूसा के निदेशक छात्र कल्याण डॉ. रमण त्रिवेदी ने कहा कि बदलते समय में खेती को लाभकारी बनाना चुनौती है। ऐसे में परंपरागत खेती के साथ समेकित मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन जैसे विकल्पों को अपनाने की जरूरत है। इसमें विवि से दिया जा रहा प्रशिक्षण काफी लाभकारी साबित होगा। जरूरत है किसान में अपनी शक्ति को पहचान कर कार्य करने की। इसमें प्रसार कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम है। वे सरकार, वैज्ञानिक व कृषकों के बीच की अहम कड़ी है। वे सोमवार को विवि के पंचतंत्र सभागार में किसानों व प्रसार कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। मौका था समेकित मत्स्य पालन एवं मधुमक्खी पालन विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण के उदघाटन सत्र का। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय गुणवत्तायुक्त उत्पादन के साथ उसके प्रसंस्करण व...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.