प्रयागराज, मार्च 25 -- फाफामऊ, हिन्दुस्तान संवाद। जिस आलू की पैदावार से घर चलना था, वही अब बोझ बन गया है। आदर्श कोल्ड स्टोर ढहने से तमाम किसान न सिर्फ मेहनत से उगाई पैदावार खो चुके हैं, बल्कि भविष्य की चिंता के तले दबे जा रहे हैं।हादसे में प्रभावित किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता बैंक का कर्ज है। अधिकतर किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत करीब चार प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेकर आलू की खेती की थी। अब हालात ऐसे हैं कि मूलधन चुकाना तो दूर, ब्याज भरना भी मुश्किल लग रहा है।पीड़ित किसान विजय कुमार बताते हैं कि उन्होंने 1000 बोरी आलू कोल्ड स्टोर में रखा था और इसके लिए करीब 9 लाख रुपये का कर्ज लिया था। हादसे के बाद उनका पूरा स्टॉक नष्ट हो गया। इसी तरह कमलेश कुमार की 350 बोरी, सुधीर कुमार की 120 बोरी और सालिक राम पाल की 402 बोरी आलू मलबे में...
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