वाराणसी, अप्रैल 28 -- जक्खिनी। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ,शहंशाहपुर, वाराणसी द्वारा राष्ट्रीय उर्वरक जागरूकता अभियान के अंतर्गत वाराणसी जनपद के ब्लॉक सेवापुरी (अराजिलाइन) स्थित ग्राम पनियारा एवं धानापुर में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषकों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जैविक विकल्पों की महत्ता तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के वैज्ञानिक तरीकों से अवगत कराना था। डॉ. टी. चौबे ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती की आवश्यकता पर बल देते हुए बताया कि यह पद्धति मृदा की प्राकृतिक उर्वरता को दीर्घकाल तक अक्षुण्ण रखती है। उन्होंने मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार हेतु किसानों को हरी खाद, विशेषकर सनई और ढैंचा की बुआई अपनाने की महत्वपूर्ण सलाह दी। यह भी पढ़ें- अत्यधिक रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की सं...