किसानों को बताई गई जैविक और प्राकृतिक खेती की तकनीक
मैनपुरी, जून 9 -- खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में मंगलवार को किसान गोष्ठी आयोजित हुई। जिसमें कृषि विज्ञान केंद्र एवं भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान कानपुर से आए वैज्ञानिक डॉ. डीपी पटेल, डॉ. रिवान के द्वारा किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रणवीर सिंह ने किसानों को बताया कि लगातार असंतुलित रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मृदा की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। उन्होंने मृदा परीक्षण आधारित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने, हरी खाद, जैव उर्वरकों एवं फसल अवशेषों के समुचित प्रबंधन पर बल दिया। यह भी पढ़ें- किसानों को बताई गई जैविक और प्राकृतिक खेती की तकनीक उद्यानिकी वैज्ञानिक...
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