शामली, जनवरी 28 -- कृषि में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से जनपद शामली में कृषि विभाग एवं इफको सहकारी उर्वरक प्रदायकर्ता संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक प्रमोद कुमार ने उपस्थित कर्मचारियों को जैविक खेती के महत्व और रासायनिक उर्वरकों पर दी जा रही सब्सिडी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धान्य फसलों में जहां एक एकड़ के लिए दो से तीन बोरी उर्वरक पर्याप्त होती है, वहीं किसान चार से पांच बोरी यूरिया प्रति एकड़ का उपयोग कर रहे हैं। इससे मिट्टी की अम्लीयता बढ़ रही है और कार्बनिक तत्वों की कमी हो रही है, जिसका सीधा असर फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन पर पड़ता है। जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव ने पीएम प्रणाम योजना के बारे में विस...
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