बलिया, जुलाई 24 -- बलिया। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव पर व्यवसायिक पशुपालन विषय पर पांच दिवसीय रोजगार परक प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हुआ। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ संजीत कुमार ने सभी प्रतिभागियों, वैज्ञानिकों एवं कर्मचारीयों का स्वागत करते हुए किसानों को आदर्श पशुशाला का निर्माण एवं संतुलित आहार के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. जितेन्द्र ने किसानों को गाय एवं भैंस की नसल, पशु में होने वाले प्रमुख रोग एवं उसके उपचार, पशु प्रजनन एवं कृत्रिम गर्भाधान के बारे में विस्तरित जानकारी दी। केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ अनिल कुमार पाल ने केचुआ खाद उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक के बारे में विस्तृत जानकारी दी, कहा कि किसान फसलों के अवशेष एवं गोबर उपयोग करके, केंचुओं की सहायता से लगभग 60-65 दिन में केंचुआ खाद तैयार कर सकते है...