गुमला, मार्च 20 -- गुमला, प्रतिनिधि। कृषि विज्ञान केंद्र और विकास भारती विशुनपुर के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार से दो दिनी सामुदायिक जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। वाटरशेड ऑर्गनाइजेशन द्वारा प्रायोजित इस प्रशिक्षण में किसानों को जलवायु परिवर्तन के अनुरूप आधुनिक व टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के उद्घाटन अवसर पर केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. ब्रजेश पांडेय ने किसानों को जलवायु परिवर्तन के कारण खेती पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के अनुसार वैज्ञानिक तकनीकों को अपना कर ही खेती को सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने टिकाऊ कृषि प्रणाली अपनाने पर जोर देते हुए किसानों को जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम में अटल कृषि वैज्ञानिक बिहारी तिवारी व एनो र...
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