गाज़ियाबाद, जून 9 -- मोदीनगर, चंद्रशेखर त्यागी। गांव खंजरपुर में केद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान द्वारा खेत बचाओं अभियान के तहत किसान जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. बबीता चौधरी ने कहा कि किसानों को अपने खेत की मृदा परीक्षण करा लेना चाहिए। वैज्ञानिक डॉ.सुभाष एस ने बताया कि अत्याधिक यूरिया, डीएपी का प्रयोग से खेत को काफी नुकसान होता है। उन्होने किसानों से जैविक खाद का प्रयोग करने को कहा। उन्होने अनावश्यक कीटनाशी प्रयोग से बचने की सलाह दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...