मधेपुरा, मई 5 -- पुरैनी, संवाद सूत्र। प्रखंड क्षेत्र के किसानों के समक्ष समय पर सिंचाई करने की समस्या गंभीर बनी हुई है। अधिकांश स्टेट बोरिंग खराब पड़ा है। बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान के कारण मक्के की खेती बर्बाद होने के कारण लागत खर्च निकालने को लेकर किसान चिंतित हैं। आगामी फसल खरीफ से किसानों ने उम्मीदें लगा रखी है। लेकिन किसान इस बात को लेकर परेशान है कि अगर समय से खेतों की सिंचाई नहीं हो पायी तो महाजनी कर्ज का बोझ उठाना पड़ेगा। विडंबना है कि प्रखंड क्षेत्र में लगाए गए अधिकांश स्टेट बोरिंग खराब पड़ा है। ऐसे में इस इलाके के छोटे और मध्यमवर्गीय किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए बारिश पर ही नर्भिर रहना पड़ता है। किसानों में इस बात को लेकर अधिक चिंता है कि जब बारिश की आवश्यकता होती है तो सूखे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है और जब बारिश से फसल को नु...
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