चंदौली, नवम्बर 10 -- धानापुर, हिन्दुस्तान संवाद। भले ही अब धीरे धीरे गंगा का पानी कम हो रहा है, किंतु तटवर्ती इलाके में उपजाऊ खेतों के कटान की समस्या कम नहीं हो रही है। रामपुर दीयां और प्रसहटा से लेकर बुद्धपुर और नौघरां तक गंगा के कटान की रफ्तार ज्यादा है। यहां गंगा के किनारे स्थित खेतों में ऐसे मोटे मोटे दर्रे फटे हुए हैं। जिन्हें देखकर किसानों को भी यह लगने लगा है कि शायद ही अब कभी उन्हें गंगा कटान की समस्या से निजात मिल पाएगी। वर्तमान में गंगा नदी में रामपुर दीयां और नरौली गांव के बीच कई जगह बालू की बड़ी-बड़ी रेती जमा हो गई है। जिसके चलते गंगा की धारा एक बार फिर से नदी के दक्षिणी किनारे से बह रही है। इस वजह से तटवर्ती खेतों की मिट्टी न केवल कट- कट कर गंगा की धारा में बहती जा रही है बल्कि आगे भी लगातार तीब्र कटान को दावत दे रही है। प्रसहट...
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