नई दिल्ली, नवम्बर 22 -- पुणे जिले के कुछ गांवों में लोगों को तेंदुए के हमलों का डर सता रहा है। अब वे अपनी जान बचाने के लिए गले में लोहे की कील वाली स्पाइक कॉलर पहनने को मजबूर हैं। पिंपरखेड़ गांव के विठ्ठल रंगनाथ जाधव ने बताया, 'हम तेंदुए के डर से गले में स्पाइक वाला कॉलर पहनते हैं। तेंदुआ कभी भी आ जाता है। हम अपनी जान बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। खेती हमारा इकलौता रोजगार है। डर के मारे घर में बैठ नहीं सकते। रोज तेंदुए का दिखना आम बात हो गई है। एक महीना पहले मेरी मां तेंदुए का शिकार बनी थी। उससे पहले एक छोटी बच्ची को तेंदुआ मार चुका था। सुबह 6 बजे मां गाय-भैंस को चारा डालने निकली थी, तभी तेंदुए ने हमला कर दिया और उन्हें करीब एक किलोमीटर तक गन्ने के खेत में घसीट ले गया। गांव में हर कोई बहुत डरा हुआ है। घर से बाहर निकलते ही हम यह कॉलर पहन ले...
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