किशोरों में हुई थी मारपीट, लेकिन अधीक्षक भी जिम्मेदार
प्रयागराज, जुलाई 16 -- प्रयागराज। राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर में 20 जून को आवासित बालक के साथ हुई मारपीट में डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। चार सदस्यीय कमेटी ने यह पाया कि संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों पर लगाया गया मारपीट का आरोप गलत है। मारपीट वहां आवासित दो किशोरों में होने की पुष्टि हुई है। कमेटी ने यह भी पाया कि यह घटना प्राय: होती थीं, इसलिए अधीक्षक को समय रहते इसे संज्ञान में लेना चाहिए था। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बनती है। राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर में 20 जून की रात एक किशोर से मारपीट हुई थी। इस दौरान किशोर ने आरोप लगाया था कि उसे अधीक्षक के कहने पर पीटा गया, जिससे वो बेहोश हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.