बांदा, जून 22 -- बांदा। अनुसूचित जाति के किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले मे दोषी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रदीप कुमार मिश्रा की अदालत ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ 22,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर 06 माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप मे अदा की जाएगी। विशेष लोक अभियोजक शिवपूजन सिंह पटेल ने बताया कि बबेरू थाना क्षेत्र की एक गांव निवासिनी पीड़िता की दादी ने बबेरू थाने मे 10 सितंबर 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया कि उसका बेटा व बहू बाहर रहते हैं। उसकी नातिन वह(स्वयं) घर मे रहते है। 7 सितंबर को सुबह 07 बजे 14 वर्षीय नातिन घर के बाहर शौच को गई थी। तभी पारा डभनी गांव का राकेश पुत्र बद्री आरख, जो उसके गांव में रहता था। उसकी नातिन से अश्लील हरकते करने लगा तब ...