किशोरावस्था से पहले ही मोटापा, अवसाद पर नियंत्रण जरूरी
प्रयागराज, मई 17 -- इंडियन अकादमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) की ओर से सिविल लाइंस स्थित एक होटल में रविवार को प्री-टीन (8-12 वर्ष) विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर बाल रोग विशेषज्ञ लखनऊ की डॉ. शालिनी भसीन ने कहा कि आजकल किशोरों में मोटापा, टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अवसाद, चिंता, मोबाइल की लत और अन्य मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं। इसलिए हमें प्री-टीन (8-12 वर्ष) में ही संबंधित समस्याओं का निदान खोजना होगा। इसके लिए संतुलित खानपान, व्यायाम, स्क्रीन उपयोग पर नियंत्रण, पर्याप्त नींद और स्वस्थ आदतों का विकास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बदलाव भी प्रभावी हो सकते हैं। यह भी पढ़ें- अभिभावकों व शिक्षकों ने की बैठक यदि प्री-टीन में आदतों में सुधार कर लिए तो किशोरावस्था व युवावस्था में परेशानी से बचा जा सकता है। इस मौके पर एडोलसे...
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