भागलपुर, जुलाई 22 -- किशनगंज से अवधेश झा की रिपोर्ट किशनगंज। तपेदिक (टीबी) आज भी भारत के समक्ष सबसे बड़ी जनस्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसके अनेक मरीज लंबे समय तक बिना पहचान के समाज में रहते हैं और अनजाने में संक्रमण का प्रसार करते रहते हैं। ऐसे में समय पर पहचान (अर्ली डिटेक्शन) ही टीबी उन्मूलन की सबसे प्रभावी रणनीति है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में संचालित 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान को जनभागीदारी, आधुनिक तकनीक और सक्रिय खोज (एक्टिव केस फाइंडिंग) के माध्यम से व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल मरीजों की पहचान करना नहीं, बल्कि संक्रमण की श्रृंखला को समय रहते तोड़कर टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करना है। जिला...