किशनगंज : समय पर पहचान से आसान होता है उपचार, प्रारंभिक जांच को आदत बनाने पर जोर
भागलपुर, अगस्त 22 -- किशनगंज से अवधेश झा की रिपोर्ट बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी और बढ़ते तनाव के कारण गैर संचारी रोग अब केवल शहरी आबादी तक सीमित नहीं रह गए हैं। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से चुनौती बन रही हैं। इन रोगों की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती अवस्था में कई बार इनके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। बीमारी का पता तब चलता है, जब वह गंभीर रूप ले चुकी होती है। ऐसे में सरकार का जोर बीमारी के गंभीर होने का इंतजार करने के बजाय प्रारंभिक अवस्था में ही उसकी पहचान कर उपचार शुरू करने पर है।
गैर संचारी रोगों की जांच एवं जागरूकता इसी उद्देश्य से जिले में गैर संचारी रोगों की जांच एवं जागरूकता गतिविधियों को लगातार मजबूत किया जा रहा है। 01 सितंबर से विशेष ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.