भागलपुर, जून 26 -- राकेश कुमार की रिपोर्ट किशनगंज। एनीमिया यानी खून की कमी केवल एक चिकित्सकीय समस्या नहीं, बल्कि सामाजिक और पोषण संबंधी चुनौती भी है। जब किसी परिवार की महिला या किशोरी एनीमिया से पीड़ित होती है, तो उसका प्रभाव पूरे परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ता है। यही कारण है कि अब स्वास्थ्य विभाग केवल उपचार तक सीमित नहीं रहकर समुदाय को जागरूक करने, परिवारों को पोषण संबंधी सही जानकारी देने और गुणवत्तापूर्ण पोषण सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुदाय में जागरूकता, परिवार का सहयोग और पोषण सेवाओं तक आसान पहुंच ही एनीमिया मुक्त समाज की सबसे मजबूत नींव है。 यह भी पढ़ें- किशनगंजं: जनभागीदारी से मजबूत हो रहा एनीमिया नियंत्रण अभियानएनीमिया के खिलाफ लड़ाई में समुदाय की भागीदारी सबसे जरू...