भागलपुर, अगस्त 24 -- किशनगंज से अवधेश झा की रिपोर्ट गर्भावस्था किसी भी महिला और उसके परिवार के लिए जीवन का बेहद महत्वपूर्ण दौर होता है। इस दौरान मां के स्वास्थ्य में होने वाला सामान्य-सा बदलाव भी कई बार गर्भस्थ शिशु के विकास और प्रसव की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। इसलिए सुरक्षित मातृत्व की तैयारी प्रसव के समय से नहीं, बल्कि गर्भावस्था की शुरुआत से ही होनी चाहिए। समय पर पंजीकरण, नियमित प्रसव पूर्व जांच, आवश्यक टीकाकरण, पोषण एवं दवाओं का सेवन और चिकित्सकीय परामर्श से गर्भावस्था के दौरान होने वाले संभावित जोखिमों की पहचान समय रहते की जा सकती है। वहीं, प्रसव के लिए स्वास्थ्य संस्थान का चयन और पहले से तैयारी मां और नवजात दोनों की सुरक्षा को मजबूत करती है।इसी यह भी पढ़ें- 18 से कम और 35 से अधिक उम्र की महिलाओं के प्रसव विशेषज्ञ चिकित्सकों की...