भागलपुर, जुलाई 10 -- किशनगंज से अवधेश झा की रिपोर्ट किशनगंज। तपेदिक (टीबी) आज भी देश के सामने सबसे बड़ी जनस्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बड़ी संख्या में लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य खांसी या बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिसके कारण बीमारी की पहचान और उपचार में देरी होती है। यही देरी संक्रमण के प्रसार को बढ़ाने के साथ-साथ मरीज की स्थिति को भी गंभीर बना सकती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा संचालित 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग अभियान के माध्यम से ऐसे संभावित मरीजों की सक्रिय पहचान की जा रही है, जो अब तक जांच और उपचार से वंचित हैं। अभियान का उद्देश्य केवल मरीजों की पहचान करना नहीं, बल्कि समय पर जांच, शीघ्र उपचार और व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को गति देना...