भागलपुर, मई 4 -- किशनगंज। पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, अर्राबाड़ी, किशनगंज में गौपालन से आत्मनिर्भरता एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण विषय पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सोमवार को हुआ। समापन समारोह के मुख्य अतिथि महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. चंद्रहास ने प्रतिभागियों से गाय पालन को अपनी आजीविका के साथ-साथ एक सफल व्यवसाय के रूप में अपनाने की सलाह दी। प्रशिक्षण आयोजिका डॉ. तृप्ति कुमारी ने बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 27 अप्रैल को हुआ जिसमें किशनगंज के 30 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। प्रशिक्षण के दौरान गौपालन से संबंधित विभिन्न आयामों जैसे बछड़ों का पालन पोषण और प्रबंधन, चारा उत्पादन, सरंझण और साइलेज बनाने की तकनीक, गायों की नस्ल का चयन एवं आनुवंशिक सुधार, आवास व्यवस्था, बीमारियों से बचाव की व्यवस्था ...
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