पूर्णिया, फरवरी 23 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। किलकारी बिहार बाल भवन पूर्णिया में चार दिवसीय बेसिक कत्थक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य बच्चों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा से परिचित कराना तथा उनमें कला के प्रति रुचि विकसित करना है। साथ ही अपनी भाव-भंगिमाओं, ताल, लय और पद संचालन के लिए प्रसिद्ध है। यामिनी द्वारा कार्यशाला का शुभारंभ गुरु वंदना के साथ हुआ। यामिनी द्वारा कत्थक का संक्षिप्त परिचय दिया गया। इसकी उत्पत्ति, घराने और इसकी विशेषताएं बताई गईं। विद्यार्थियों को मूलभूत हस्तमुद्राएं, नमस्कार की विधि तथा सरल तत्कार सिखाई गई। साथ ही प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण पर भी काम किया गया जिससे आगे वे बच्चों को फॉलोअप करवा सके। मौके पर कहा गया कि कार्यशाला के आयोजन से कलात्मक प्रतिभा न केवल निखरी बल्कि अनुशासन, एका...
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