नई दिल्ली, अप्रैल 9 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में साफ कहा है कि दिल्ली किराया नियंत्रण अधिनियम ( DRC) के तहत बेदखली की मांग करने वाले मकान मालिक को उन अन्य संपत्तियों पर कब्जा न करने का संतोषजनक स्पष्टीकरण देना कानूनी रूप से अनिवार्य है, जो बेदखली की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले या उसके दौरान खाली हुई हों। न्यायमूर्ति अमित शर्मा ने इस मामले में दायर पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिका दायर करने से पहले वैकल्पिक व्यावसायिक स्थानों को फिर से किराये पर देना या बेचना मकान मालिक की वास्तविक जरूरत पर गंभीर संदेह पैदा करता है।क्या है पूरा मामला दरअसल, याचिकाकर्ता वेद प्रकाश ने मस्जिद मोठ स्थित लीला राम मार्केट में भूतल पर स्थित दुकान संख्या 438 के किरायेदार मेसर्स गे ड्राई क्लीनर्स के खिलाफ डीआरसी की धारा 14(1)(ई) क...