लखनऊ, नवम्बर 19 -- प्रदेश में किरायेदारी के लिए 500 से 2000 रुपये तक पंजीकृत करारनामें की अधिसूचना बुधवार को जारी कर दी गई है। यह व्यवस्था प्रदेश में छह माह तक के लिए प्रभावी रहेगी। प्रमुख सचिव स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक प्रदेश में यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के अनुसार अधिकतम स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्री शुल्क की सीमा तय कर दी गई है। यह सीमा किरायेदारी की अवधि और औसत वार्षिक किराए के आधार पर लागू होगी। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा, क्योंकि अब किरायेदारी विलेख पर भारी स्टाम्प शुल्क भरने की बाध्यता नहीं रहेगी और लोग अधिक सहजता से रजिस्ट्री करा सकेंगे। अधिसूचना के मुताबिक औसत वार्षिक किराया दो लाख रुपये तक होने पर एक साल का 500 रुपये, एक से पांच साल 1500, पांच से 10 वर्ष 2000 रुपये लगे...
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