नई दिल्ली, अगस्त 25 -- पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सरगोधा में रडारों को तलाशने के लिए छोड़ा गया लोइटरिंग म्यूनिशन संभवतः किराना हिल्स क्षेत्र में गिरा होगा। यहीं पाकिस्तान की परमाणु सुविधाएं हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किराना हिल्स पर हमले की बात सामने आई थी। सीडीएस के बयान के बाद भारत की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हुई है। पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को दिल्ली के विवेकानंद सेंटर में बोलते हुए ये बात कही। उन्होंने बताया कि ऐसे हथियारों के सक्रिय रहने की क्षमता करीब दो घंटे होती है। यदि इस दौरान उसे कोई लक्ष्य नहीं मिलता तो वह कहीं न कहीं गिर जाता है। पूर्व सीडीएस के इस बयान से ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े किराना हिल पर हमले को लेकर कुछ स्थिति स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि कई मौकों प...