नई दिल्ली, जुलाई 27 -- अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान आग उगलते कच्चे तेल की कीमतों ने पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट को गहरा कर दिया है। हालांकि, पिछले दो दिन ब्रेंट क्रूड में भारी गिरावट देखने को भी मिली है। यह 92 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गया है। फरवरी 2026 से अबतक कई देशों में पेट्रोल की कीमत करीब डेढ़ गुनी और डीजल की ढाई गुनी हो चुकी है। इस बीच कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां ईंधन सस्ता भी हुआ है। जबकि, कई ऐसे भी देश हैं, जिनपर कच्चे तेल की कीमतों का कोई असर ही नहीं पड़ा है। अगर 20 जुलाई तक के आंकड़ों की बात करें तो रवाडा में पेट्रोल सबसे अधिक 47.7% महंगा हुआ है। जबकि लाओस में डीजल। यहां युद्ध के दौरान डीजल के दाम 149.7 प्रतिशत उछला है।कहां सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल ग्लोबल पेट्रोल प्राइसेज डॉट कॉम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जांबिया में पेट्रोल जहां...